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ghazal

जब भी दिख जाएँ वो हैरत करना
ऐसे रंगों की हिफ़ाज़त करना

جب بھی دیکھ جائیں وہ، حیرت کرنا
ایسے..رنگوں کی حفاظت کرنا


उस का मुझ से यूँ ही लड़ लेना और
घर की चीजों से शिकायत करना

اس کا مجھ سے یوں ہی لڑ لینا اور
گھر کی چیزوں سے شکایات کرنا


काम ये कोई भी कर देगा पर
इश्क! तुम मेरी वज़ाहत करना

کام یہ کوئی بھی کر دیگا پر
عشق ! تم میری وضاحت کرنا

इस से पहले के उसे देखो तुम
ठीक से सीख लो हैरत करना

اس سے پہلے کہ اسے دیکھو تم
ٹھیک سے سیکھ لو حیرت کرنا


मेरे ता'वीज़ में जो काग़ज़ है
उस पे लिक्खा है मुहब्बत करना

میرے تعویز میں جو کاغذ ہے
اس پے لکّھا ہے.. محبّت کرنا


रोकना... उस को बना कर बातें
कुछ हो गर तो शिकायत करना

روکنا اس کو.. بنا کر باتیں
کچھ نہ ہو گر تو شکایات کرنا

-Swapnil Tiwari-

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