शुक्रवार, 2 सितंबर 2016

उम्मीद/امید

मुझे ये पता था
के दीवार घर की
नदी की तरह
बह न पायेगी फिर भी
मैं तस्वीरें ले आया था
मछलियों की...

مجھے یہ پتا تھا
کہ دیوار گھر کی
ندی کی طرح
بہ نہ پائے گی پھر بھی
میں تصویر لے آیا تھا
مچھلیوں کی ...
-Swapnil-

1 टिप्पणी:

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

बहुत ही ख़ूबसूरत नज़्म!!